नेशनल लोक अदालत में विद्युत प्रकरणों में मिलेगी छूट विद्युत विभाग द्वारा जारी किये गये आदेश
नेशनल लोक अदालत में विद्युत प्रकरणों में मिलेगी छूट विद्युत विभाग द्वारा जारी किये गये आदेश
दमोह : 17 फरवरी 2026म.प्र.राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के आदेशानुसार एवं प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष सुभाष सोलंकी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दमोह के कुशल मार्गदर्शन में 14 मार्च 2026 दिन शनिवार को जिला मुख्यालय दमोह, तहसील हटा, पथरिया एवं तेंदूखेड़ा में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जावेगा जिसमें न्यायालयों में लंबित राजीनामा योग्य दांडिक, सिविल, चैक अनादरण, वाहन दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा, वैवाहिक मामले, विद्युत से संबंधित प्रकरणों के साथ ही बैंक ऋण वसूली, बी.एस.एन.एल. की बकाया वसूली, विद्युत एवं नगर पालिका से संबंधित प्रिं-लिटिगेशन प्रकरणों का भी निराकरण किया जावेगा, नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण हेतु विद्युत विभाग के द्वारा छूट प्रदान किये जाने के आदेश जारी किये गये हैं।
विद्युत विभाग द्वारा जारी आदेशानुसार नेशनल लोक अदालत में विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के अंतर्गत निम्नदाब श्रेणी के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 05 किलोवॉट भार तक के गैर घरेलू, 10 अश्वशक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को प्रीलिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 30 प्रतिशत एवं लिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत छूट एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात् प्रत्येक छः माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जावेगी।
जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चौरसिया ने बताया कि नेशनल लोक अदालत के माध्यम से निराकृत किए जाने वाले विद्युत प्रकरणों को निर्धारित छूट के उपरांत शेष देय आंकलित सिविल दायित्व की राशि का एक मुश्त भुगतान करना होगा। उक्त छूट विद्युत चोरी/अनाधिकृत उपयोग पहली बार किये जाने की स्थिति में ही दी जावेगी, पूर्व में छूट प्राप्त किये हुये उपभोक्ता को छूट का लाभ प्राप्त नही होगा तथा उपरोक्तानुसार दी जा रही छूट आंकलित सिविल दायित्व राशि 1000000 /- (दस लाख रूपये मात्र) तक के प्रकरणों के लिये सीमित रहेगी। आपने संबंधित उपभोक्ताओं से अपील है कि वे नेशनल लोक अदालत में प्रदान की जा रही छूट का लाभ उठाकर अपने प्रकरणों का निराकरण करावे।

