ई-विकास पोर्टल से खाद वितरण की प्रक्रिया अत्यंत व्यवस्थित, पारदर्शी और सुचारू होगी तथा किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा- कलेक्टर श्री कोचर सहकारी समितियों से लेकर डबल लॉक तक सभी व्यवस्थाएं होंगी इंटीग्रेट मार्च से शुरू होगा राज्य शासन का नया ई-विकास पोर्टल गेहूं उपार्जन पंजीयन 7 फरवरी से होंगे प्रारंभ पी.जी. कॉलेज में ई-विकास प्रणाली पर कार्यशाला संपन्न
राज्य शासन का नया ई-विकास पोर्टल
दमोह : 04 फरवरी 2026
कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने बताया कि राज्य शासन द्वारा ई-विकास नामक एक नया डिजिटल पोर्टल विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से आगामी समय में खाद का वितरण किया जाएगा। दिसंबर माह में लागू की गई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ व प्रभावी बनाते हुए यह नई प्रणाली लाई जा रही है, जिसके मार्च से प्रारंभ होने की संभावना है।
कलेक्टर श्री कोचर ने बताया कि ई-विकास पोर्टल के माध्यम से सहकारी समितियां, डबल लॉक प्रणाली एवं अन्य सभी संबंधित व्यवस्थाएं आपस में इंटीग्रेट की जा रही हैं। इससे खाद वितरण की प्रक्रिया अत्यंत व्यवस्थित, पारदर्शी और सुचारू होगी तथा किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
उन्होने बताया ई-विकास पद्धति के सफल क्रियान्वयन हेतु आज पी.जी. कॉलेज दमोह में एक वृहद कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में सभी किसान संगठन, जनप्रतिनिधिगण, कृषि विभाग के अधिकारी, मार्केटिंग फेडरेशन सहित संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यशाला में नई ई-विकास प्रणाली का पूरा प्रशिक्षण दिया गया, विस्तृत जानकारी साझा की गई तथा इसके बेहतर क्रियान्वयन हेतु सभी हितधारकों से सुझाव भी आमंत्रित किए गए।
कलेक्टर श्री कोचर ने विश्वास जताया कि ई-विकास प्रणाली खाद वितरण व्यवस्था में मील का पत्थर साबित होगी और इससे किसानों को लंबे समय से चली आ रही परेशानियों से पूरी तरह निजात मिलेगी। जिला स्तर पर अगले महीने से इसे प्रभावी रूप से लागू करने की तैयारी की जा रही है। उन्होने बताया कि गेहूं उपार्जन का समय आ गया है और 7 फरवरी से गेहूं उपार्जन हेतु पंजीयन प्रारंभ किए जा रहे हैं। इस बार परंपरागत पंजीयन केंद्रों के साथ-साथ सभी नागरिक सुविधा केंद्र,एमपी ऑनलाइन कियोस्क को भी सक्रिय किया जा रहा है।
किसान नजदीकी केंद्र से ही कराएं पंजीयन
कलेक्टर श्री कोचर ने सभी किसानों से आग्रह करते हुए कहा कि उन्हें किसी बड़े या दूरस्थ केंद्र पर जाने की आवश्यकता नहीं है। किसान अपने नजदीकी एमपी ऑनलाइन कियोस्क या नागरिक सुविधा केंद्र पर जाकर आसानी से पंजीयन करा सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी किसान को पंजीयन से मना नहीं किया जाएगा और प्रशासन की प्राथमिकता है कि किसानों को उनके घर के सबसे नजदीक पंजीयन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें किसी भी स्थिति में परेशान न होना पड़े।


