आयोग के निर्देशों का पूर्ण पालन करने के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध – कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर फॉर्म-7 के अंतर्गत आपत्ति दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी तरह खुली आपत्तियों पर होती है न्यायिक प्रक्रिया के तहत सुनवाई अब तक किसी भी आपत्ति पर नहीं लिया गया है निर्णय आपत्तियों के आधार पर नाम काट दिए गए हैं, पूर्णतः भ्रामक और तथ्यहीन
अब तक किसी भी आपत्ति पर नहीं लिया गया है निर्णय
दमोह : 04 फरवरी 2026
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सुधीर कुमार कोचर ने मतदाता सूची को लेकर हाल के दिनों में सामने आई मीडिया रिपोर्ट्स और चर्चाओ पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि जिला प्रशासन भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पूरी तरह पालन कर रहा है और किसी भी प्रकार की पक्षपातपूर्ण या मनमानी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
कलेक्टर श्री कोचर ने बताया कि मतदाता सूची से नाम हटाने या आपत्ति दर्ज करने के लिए फॉर्म-7 के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति, कहीं से भी, किसी भी संख्या में आपत्तियाँ प्रस्तुत कर सकता है। इसमें किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आपत्ति दर्ज करने का मूल उद्देश्य यही है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।
उन्होने कहा कि जब कोई आपत्ति प्राप्त होती है, तो सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी या निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा उस पर अर्द्ध-न्यायिक प्रक्रिया के तहत सुनवाई की जाती है। सभी पक्षों को सुनने, दस्तावेजों की गहन जाँच और तथ्यों के परीक्षण के पश्चात ही एक स्पीकिंग ऑर्डर (बोलता हुआ आदेश) पारित किया जाता है, जिसमें निर्णय के सभी कारण स्पष्ट रूप से दर्ज होते हैं।
कलेक्टर श्री कोचर ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति पारित आदेश से असंतुष्ट होता है, तो वह कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है। इसके पश्चात भी असंतोष की स्थिति में भारत निर्वाचन आयोग में अपील का प्रावधान है, उन्होने स्पष्ट रूप से कहा कि अब तक ऑफलाइन प्राप्त किसी भी आपत्ति का निराकरण नहीं किया गया है और न ही किसी नाम को आपत्ति के आधार पर हटाया गया है, उन्होंने कहा कि इस प्रकार की खबरें कि आपत्तियों के आधार पर नाम काट दिए गए हैं, पूर्णतः भ्रामक और तथ्यहीन हैं।
निष्पक्ष, पारदर्शी और न्यायपूर्ण कार्यवाही का आश्वासन
कलेक्टर श्री कोचर ने आम नागरिकों से आग्रह करते हुए कहा कि किसी को भी परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। जिला प्रशासन निष्पक्षता, पारदर्शिता और न्याय के साथ कार्य कर रहा है और आगे भी पूरे जिले में यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
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