जिले में प्राकृतिक रूप से बहने वाली नदी-नालों तथा तालाबों में उपलब्ध पानी का सिंचाई के उपयोग हेतु निकासी पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी-जिला मजिस्ट्रेट श्री कोचर राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों को ऐसी बोरिंग मशीनों जो बिना अनुमति के नलकूप खनन/बोरिंग कर रही मशीनों को जब्त कर पुलिस में एफ.आई.आर दर्ज कराने का अधिकार होगा विकासखण्ड पटेरा, तेन्दूखेड़ा एवं बटियागढ को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित करते हुये प्रतिबंधित करने के आदेश जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होकर 30 जून 2026 तक प्रभावशील रहेगा
प्रतिबंधित करने के आदेश जारी

दमोह : 27 जनवरी 2026
वर्ष 2025 में दमोह जिले में कुल औसत वर्षा 1172.5 मि.मी. हुई हैं । जिसमें विकासखण्ड पटेरा में 1025.00 मि.मी., विकासखण्ड तेन्दूखेड़ा में 1081.00 मि.मी. एवं विकासख्ण्ड बटियागढ में 1105.00 मि.मी. वर्षा हुई हैं, जो कि जिले की औसत वर्षा से क्रमश: 221.60 मि.मी. 164.80 मि.मी. एवं 141.60 मि.मी. कम हैं। जिस हेतु तीनों विकासखण्डों क्रमश: पटेरा, तेन्दूखेड़ा एवं बटियागढ में ग्रीष्मकाल में जल स्त्रोतों में जल का अत्यधिक दोहन होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट की स्थिति बन सकती हैं। इस उद्देश्य से जिले के तीन विकासखण्डों (पटेरा, तेन्दूखेड़ा एवं बटियागढ) में मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 तथा मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण (संशोधित) अधिनियम 2002, 2022 के प्रावधानों को लागू करना अनिवार्य मानते हुये कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार कोचर ने मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 तथा संशोधन अधिनियम 2022 (अधिनियम) की धारा – 3 के अंतर्गत दमोह जिले के 03 विकासखण्ड पटेरा, तेन्दूखेड़ा एवं बटियागढ को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित करते हुये निम्न कार्य प्रतिबंधित करने के आदेश जारी किये है।
जारी आदेशानुसार जिले में प्राकृतिक रूप से बहने वाली नदी-नालों तथा तालाबों में उपलब्ध पानी का सिंचाई के उपयोग हेतु निकासी पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी । अधिनियम की धारा-6(1) के अंतर्गत संपूर्ण जिले में अशासकीय व निजी नलकूप खनन करने पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा । दमोह जिले की सीमा क्षेत्र की सीमा में नलकूप/बोरिंग मशीन संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की अनुमति के बिना के कोई नलकूप खनन नहीं करेगा । उपरोक्त आदेश शासकीय योजनाओं के अंतर्गत किये जाने वाले नलकूप उत्खनन पर लागू नहीं होगा तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा कार्य योजनान्तर्गत नलकूप खनन का कार्य कराया जा सकेंगा, इस हेतु अनुज्ञा प्राप्त किया जाना आवश्यक नहीं होगीं ।
जारी आदेशानुसार प्रत्येक राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों को ऐसी बोरिंग मशीनों जो बिना अनुमति के नलकूप खनन/बोरिंग कर रही मशीनों को जब्त कर पुलिस में एफ.आई.आर दर्ज कराने का अधिकार होगा । समस्त अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को उनके क्षेत्रान्तर्गत इस निमित्त अपरिहार्य प्रकरणों के लिए व अन्य प्रयोजनों हेतु उचित जांच के पश्चात् अनुज्ञा देने हेतु प्राधिकृत किया गया हैं । इस अधिसूचना का उल्लंघन करने पर अधिनियम (संशोधित 2022) की धारा-9 के उल्लेखित अनुसार प्रथम अपराध के लिए पांच हजार रूपये के जुर्मान से और पश्चात्वर्ती प्रत्येक अपराध के लिये दस हजार रूपये के जुर्माने से या कारावास से, जो दो वर्ष तक हो सकेगा या दण्डनीय होगा ।
उन्होंने कहा है नवीन खनित निजी नलकूप एवं अन्य विद्यमान निजी जलस्त्रोतो का आवश्यकता होने पर सार्वजनिक पेयजल व्यवस्था हेतु अधिनियम की धारा – 4 के अंतर्गत अधिग्रहण किया जा सकेंगा।
आदेश के उल्लंघन के संबंध में कोई भी व्यक्ति दमोह हेल्प लाईन नं. 07812-350300 एवं सी.एम. हेल्प लाईन पर सूचना/शिकायत कर सकेगा । सूचना/शिकायत प्राप्त होने पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की टीम त्वरित कार्यवाही करते हुये अवैध नलकूप खनन/बोरिंग मशीनों को जप्त कर संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को सूचित करते हुये जप्तशुदा मशीन को थाने में रखायेगें । उल्लंघनकर्ता के विरूद्व नियमानुसार वैधानिक जुर्माना आदि की कार्यवाही करेगें । इस कार्य में राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारी आवश्यक सहयोग करेगें । यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होकर 30 जून 2026 तक प्रभावशील रहेगा ।


