चार्ज 400 केवी टावरों में की गई स्ट्रेंथनिंग ताकि रबी सीजन में बनी रहे निर्बाध विद्युत आपूर्ति एमपी ट्रांसको दमोह टीम का उल्लेखनीय कार्य
चार्ज 400 केवी टावरों में की गई स्ट्रेंथनिंग ताकि रबी सीजन में बनी रहे निर्बाध विद्युत आपूर्ति एमपी ट्रांसको दमोह टीम का उल्लेखनीय कार्य

मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) की दमोह ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस (टीएलएम) टीम ने 400 केवी कटनी–दमोह एक्स्ट्रा हाई टेंशन ट्रांसमिशन लाइन के टावरों के मजबूतीकरण का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस परियोजना के अंतर्गत कई टावरों में चालू (चार्ज) ट्रांसमिशन लाइन पर ही स्ट्रेंथनिंग कार्य किया गया, जिससे रबी सीजन के दौरान किसानों एवं उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकी।बिना शटडाउन लिए किया गया कार्यबिरसिंहपुर थर्मल पावर प्लांट से निरंतर विद्युत निकासी बनाए रखने तथा रबी सीजन में बढ़ी हुई अधिकतम मांग के बीच प्रदेश की आपूर्ति व्यवस्था को स्थिर रखने की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद, दमोह क्षेत्र से गुजरने वाली 400 केवी ट्रांसमिशन लाइन के टावरों का मजबूतीकरण बिना शटडाउन लिए किया गया। इससे न तो विद्युत उत्पादन प्रभावित हुआ और न ही आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा आई। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने एमपी ट्रांसको को इस उल्लेखनीय सफलता के लिए बधाई दी है !क्यों आवश्यक हुई स्ट्रेंथनिंग एवं रेट्रोफिटिंगएमपी ट्रांसको के ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस विभाग के मुख्य अभियंता दीपक कुमार अग्रवाल ने बताया समय के साथ कुछ टावरों की संरचनात्मक मजबूती प्रभावित हुई थी। बदलती मौसमीय परिस्थितियों, तेज हवाओं तथा भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तकनीकी ऑडिट कराया गया, जिसके बाद स्ट्रेंथनिंग एवं रेट्रोफिटिंग का निर्णय लिया गया।दमोह सेक्शन में बिना शटडाउन हुआ अधिकांश कार्य इस महत्वपूर्ण ट्रांसमिशन कॉरिडोर पर लगातार अधिक लोड रहने के कारण 267 टावरों पर मजबूतीकरण का कार्य चालू लाइन पर, बिना शटडाउन लिए किया गया। सामान्य परिस्थितियों में ऐसे कार्य लाइन बंद कर किए जाते हैं, लेकिन दमोह क्षेत्र में यह कार्य उच्च तकनीकी दक्षता और कड़े सुरक्षा मानकों के साथ संपन्न किया गया।इस तरह किया गया टावरों को मजबूतहॉटलाइन स्ट्रेंथनिंग के दौरान टावर फाउंडेशन को सुदृढ़ किया गया, कमजोर स्टील मेंबर्स को बदला गया तथा अतिरिक्त ब्रेसींग स्थापित की गई। इससे ट्रांसमिशन नेटवर्क की स्थिरता बनी रही और पीजीसीआईएल के 400 केवी सबस्टेशन दमोह को भी निरंतर एवं विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति मिलती रही।टीएलएम दमोह टीम का सराहनीय योगदानयह अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य एमपी ट्रांसको दमोह के कार्यपालन अभियंता श्री एस. के. मुढा के नेतृत्व में टीएलएम दमोह टीम द्वारा जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में तकनीकी दक्षता, अनुशासन और समर्पण के साथ सफलतापूर्वक पूरा किया गया, जो क्षेत्र में निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने की दिशा में एक सराहनीय उदाहरण है।

