बुंदेली दमोह महोत्सव के तेरहवें दिन राष्ट्रीय कवि सम्मेलन सहित विविध प्रतियोगिताओं ने बांधा समां
बुंदेली दमोह महोत्सव के तेरहवें दिन राष्ट्रीय कवि सम्मेलन सहित विविध प्रतियोगिताओं ने बांधा समां

दमोह। बुंदेली गौरव न्यास द्वारा संचालित बुंदेली दमोह महोत्सव के तेरहवें दिन सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं खेल गतिविधियों से मेला प्रांगण गुलजार रहा। इस अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में देश के प्रतिष्ठित कवियों ने अपनी काव्य प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दियज्ञं कवि सम्मेलन में बुद्धि प्रकाश दधीच, अमन अक्षर, मुन्ना बैटरी एवं शशि श्रेया ने अपने-अपने अनूठे अंदाज़ में हास्य, वीर रस एवं समसामयिक विषयों पर रचनाएं प्रस्तुत कीं। वहीं देश के चर्चित कवि सुमित ओरछा ने पूरे कवि सम्मेलन का प्रभावशाली संचालन किया, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा। महोत्सव के अंतर्गत दोपहर के समय सांप-सीढ़ी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 30 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को मेला समिति की ओर से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही स्वाति गौर के निर्देशन में ‘स्वर श्री प्रतियोगिता’ का आयोजन हुआ, जिसमें चयनित प्रतिभागियों ने मधुर गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों का दिल जीत लिया। बुंदेली गौरव न्यास द्वारा समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले जिले के प्रतिभावान नागरिकों का सम्मान भी किया गया। इस अवसर पर कॉमेडियन विश्वनाथ पटेल, बागेश्वर धाम गौशाला संचालक आलोक असाटी, ताइक्वांडो गोल्ड मेडलिस्ट जया रायकवार, गुंजन जैन, ऋतिक परोचे एवं अदरिका दुबे को सम्मानित किया गया। दोपहर के समय मेले में आयोजित बुंदेली खेल प्रतियोगिताओं के अंतर्गत लंगड़ी, स्पेशल कुर्सी दौड़, चिरंगा एवं कांच बैलेंस दौड़ का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में ओजस्विनी विद्यालय, नवजागृति विद्यालय, शिव शिशु विद्यालय एवं रानी दुर्गावती विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को प्रभात सेठ, मोहित संगतानी, अक्षत गोस्वामी, राजू नामदेव एवं अतुल तिवारी की उपस्थिति में पुरस्कार प्रदान किए गए। मेला समिति के पदाधिकारियों ने नगरवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में बुंदेली दमोह महोत्सव में शामिल होकर इस सांस्कृतिक उत्सव का आनंद लें।


