बुंदेली दमोह महोत्सव के छठे दिन संस्कृति, संगीत अंताक्षरी और खेल का रंगारंग संगम
संस्कृति, संगीत अंताक्षरी और खेल का रंगारंग संगम

दमोह। शहर के तहसील ग्राउंड में बुंदेली गौरव न्यास के तत्वावधान में आयोजित बुंदेली दमोह महोत्सव के छठे दिन सांस्कृतिक, शैक्षणिक और खेल गतिविधियों से भरा कार्यक्रम देखने को मिला। दिनभर चले आयोजनों में महिलाओं, बच्चों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर महोत्सव को यादगार बना दिया। कार्यक्रम की शुरुआत अंताक्षरी प्रतियोगिता से हुई, जिसमें प्रभारी कंचन असाटी एवं अनीता मरोठी के निर्देशन में 55 महिलाओं ने भाग लिया और एक से बढ़कर एक शानदार गीतों की प्रस्तुति दी। इसके पश्चात नृत्य श्री प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें चयनित प्रतिभागियों ने अपनी नृत्य प्रतिभा का मनमोहक प्रदर्शन किया। इसी क्रम में मुक्ति नाट्य मंच के कलाकारों ने कृष्णा तिवारी के निर्देशन में एक प्रभावशाली लघु नाटिका प्रस्तुत की। नाटिका के माध्यम से जल संरक्षण का संदेश देते हुए अतीत की जल समस्या, वर्तमान की बेहतर स्थिति और भविष्य में जल का मोल न समझने से उत्पन्न होने वाली परेशानियों को सशक्त ढंग से दर्शाया गया। इसके बाद जोगिंदर अहिरवार एवं उनकी टीम द्वारा “जादू नहीं, विज्ञान” विषय पर प्रस्तुति दी गई। उन्होंने दर्शकों को समझाया कि जादूगरों द्वारा दिखाया जाने वाला जादू किसी चमत्कार का परिणाम नहीं, बल्कि हाथों की कला और वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित होता है। शाम के सत्र में युगल नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें राइम्स पब्लिक स्कूल, टोरी छात्रावास, संस्कार पब्लिक स्कूल बटियागढ़, विश्वनाथ पब्लिक स्कूल बकायन, पथरिया देवरान स्कूल सतुआ एवं शासकीय विद्यालय के बच्चों ने रंगारंग नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की जमकर तालियां बटोरीं। वहीं दोपहर के समय मेला ग्राउंड में तिरंगा कांच दौड़, कुर्सी दौड़ एवं लंगड़ी दौड़ का आयोजन किया गया। इसमें शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई उत्तर माध्यमिक विद्यालय, शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय, सरस्वती शिशु मंदिर, पॉलिटेक्निक कॉलेज दमोह एवं शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अभाना की लगभग 100 छात्राओं ने भाग लिया। प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार प्रदान किए गए। पुरस्कार वितरण समारोह में एसडीएम आर.एल. बागरी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बुंदेली दमोह महोत्सव में संस्कृति, संगीत, शिक्षा और खेल का यह समागम इन दिनों शहरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।


