भव्य व ऐतिहासिक होगा दमोह का नोहलेश्वर महोत्सव- राज्यमंत्री श्री लोधी 5 दिवसीय आयोजन में कला, संस्कृति और साहित्य की ख्यातनाम हस्तियां होंगी शामिल
भव्य व ऐतिहासिक होगा दमोह का नोहलेश्वर महोत्सव- राज्यमंत्री श्री लोधी 5 दिवसीय आयोजन में कला, संस्कृति और साहित्य की ख्यातनाम हस्तियां होंगी शामिल

दमोह : 30 जनवरी 2026
बुंदेलखंड के दमोह जिले में नोहटा स्थित नोहलेश्वर मंदिर परिसर में प्रतिवर्ष मनाया जाने वाला नोहलेश्वर महोत्सव इस वर्ष अपनी भव्यता और विशेषता के लिए पहचाना जाएगा। मध्य प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सांस्कृतिक चरमोत्कर्ष को स्पर्श कर रहा है जिसके तहत् मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में प्रारंभ होने वाले इस महोत्सव में कला, संस्कृति, साहित्य एवं भक्ति संगीत जगत की ख्यातनाम हस्तियां अपनी प्रस्तुतियां देंगी। प्रदेश सरकार के संस्कृति, पर्यटन ,धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने नोहलेश्वर महोत्सव को लेकर विस्तृत जानकारी दी।
राज्यमंत्री श्री लोधी ने कहा कि मध्य प्रदेश का बुंदेलखंड अपने गौरवशाली इतिहास और समृद्धशाली परंपराओं के लिए समूचे भारत में अपनी अलग पहचान रखता है। बुंदेलखंड की शौर्य गाथाएं एवं सांस्कृतिक कला कौशल का वर्णन देश के साहित्यकारों, कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से बखूबी किया है, यहाँ की पुरातन संस्कृति आज भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने का कार्य करती है। बुंदेलखंड की इसी ऐतिहासिक संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने तथा युवा पीढ़ी को बुंदेलखंड की इस गौरवगाथा से अवगत कराने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश सरकार का संस्कृति विभाग प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर नोहलेश्वर महोत्सव का आयोजन करता रहा है। मुझे बताते हुए प्रसन्नता है कि प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा मुझे संस्कृति विभाग का दायित्व सौंपने उपरांत मैंने बुंदेलखंड की संस्कृति को राष्ट्रीय पटल पर अपनी छाप कायम करने के उद्देश्य से नोहलेश्वर महोत्सव की शुरुआत पिछले 2 वर्ष पूर्व की थी।
इसी श्रृंखला में इस वर्ष भी आगामी 11 से 15 फरवरी 2026 तक यह महोत्सव अपनी भव्यता और विशेषता के साथ प्रारंभ होने जा रहा है। राज्यमंत्री श्री लोधी ने कहा कि दमोह जिले के नोहटा में दसवीं शताब्दी में कल्चुरी वंश के राजा युवराज देव प्रथम ने अपनी रानी नोहला के सम्मान में नोहलेश्वर शिव मंदिर का निर्माण कराया था, जो प्राचीन शिल्पकला की बेहतरीन कृतियों का अद्भुद उदाहरण है, पत्थरों की नक्काशी तथा इसका गर्भगृह आदि न केवल दर्शनीय अपितु हमारे पुरातन एवं धार्मिक महत्व को दर्शाता है। बुंदेलखंड की धार्मिक आस्था के इस केंद्र पर होने जा रहे इस 5 दिवसीय नोहलेश्वर महोत्सव में प्रसिद्ध गायक कैलाश खैर जहां भक्ति रस की वर्षा करेंगे, वहीं भगवान भोलेनाथ के शिव तांडव नृत्य, शास्त्रीय नृत्य, जय श्रीराम नृत्य नाटिका आदि मनभावन प्रस्तुतियां देश के ख्यातनाम हस्तियों द्वारा भिन्न भिन्न तिथियों में दी जाएंगी। इस आयोजन में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में जहां हरिओम पवार, जानी बैरागी जैसे राष्ट्रीय कवि अपना रचनापाठ करेंगे, तो वहीं समापन समारोह के दौरान प्रसिद्ध भजन गायिका आशा वैष्णव की प्रस्तुति होगी।
राज्यमंत्री श्री लोधी ने कहा कि संस्कृति विभाग द्वारा इस समूचे आयोजन को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रहीं हैं, जिसके तहत यहाँ आने वाले प्रदेश और देश के श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो, स्थानीय प्रशासन भी इस आयोजन को और भव्यता देने के लिए पूरी तरह जुटा हुआ है। मंत्री श्री लोधी ने कहा कि नोहलेश्वर महोत्सव प्रदेश और देश में बुंदेलखंड की पहचान बने, ऐसा हमारा प्रयास है। श्री लोधी ने प्रदेश की जनता से इस आयोजन में शामिल होकर बुंदेलखंड की कला संस्कृति से रूबरू होने का आह्वान किया है, उन्होंने कहा कि यह आयोजन आपकी आस्था के साथ ही समूचे परिवार के साथ मनोरंजन का केंद्र भी होगा जहां हॉट एयर बलून जैसी रोमांचक गतिविधियां भी उपलब्ध होंगी। इस आयोजन में मध्य प्रदेश सरकार के अधिकतर विभागों की सहभागिता होगी।



